
तरबूज में करीब 97 फीसदी पानी पाया जाता है। जिनको ठंडा, जुकाम-खांसी है, वे तरबूज का सेवन
सांयकाल या सूर्यास्त के बाद नहीं करें।
तराई
तरबूज तराई देने वाला, गर्मीकी उमस को शांत करने वाला फलहै। एसिडिटी, मुंह सूखना, बेचैनी, आंखों में जलन, तलवों में और त्वचा में जलन,घमोरियां, अलाइयां होने पर तरबूज तरावट पैदा करता है। जिन का रात्रि के समय में मुंह सूखता है, उनके लिए यह बहुत लाभकारी है।
भराई
मोटे व्यक्तियों को ज्यादा खाना खाने की आदत होती है। बार-बार खाना से वे और मोटे होते जाते हैं और फिर भी उनका पेट नहीं भरता है। उन व्यक्तियों के लिए तरबूज भराई का काम करता है। यानी इसका पानी और फूला हुआ गूदा पेट भर देता है। इसे खाने केकाफी देर बाद तक भूख नहीं लगती और मोटे आदमी पतले हो जाते हैं। इसकी मिठास भरपूर ऊर्जा प्रदान करती है।
सफाई
पेट की सफाई करने का सबसे अच्छा और सुन्दर तरीका तरबूज के पास है क्योंकि इसमें पानी और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है। इसका पानी और फाइबर रक्त से लेकर मूत्र तक को साफ करता है। इसको खाने के बाद शरीर में पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है। इससे दस्त, हैजा, अजीर्ण, अल्सर, छाले, त्वचा रोग, अपच एवं उच्च रक्तचाप और अनिद्रा जैसे रोगों में काफी राहत मिलती है।
तरबूज के प्रयोग
उच्च रक्तचाप में : तरबूज सुबह भूखे पेट, दोपहर को खाने के बाद एवं सायं 4-5 बजे लें।
तनाव में : तरबूज पेट भर खाएंऔर साथ ही लस्सी का प्रयोग करें। मानसिक शांति मिलेगी।
मोटापे में : एक समय भोजन करें और दो समय केवल तरबूज खाएं। वजन तेजी से कम होगा।
मूत्र कम आने पर : तरबूज के रस में नींबू या एक चम्मच आंवला चूर्ण मिलाकर पीएं
6 comments:
सच में बहुत गुणकारी है तरबूज
बढ़िया लाभदायक जानकारी दी है ....आभार !
----अच्छा लिखा है...
गुणकारी तरबूज है,बीज भी गुण से युक्त,
गरमी, लू में धूप में, इसको करें प्रयुक्त |
शरबत पत्नी के लिए,गूदा बाबा हेतु |
बच्चों हेतु चबैना, चारा बकरी हेतु,
Tarbooj me etane sare gun hain ye padhkr maine bahut kuchh jana .....apko is mahatvpoorn prastuti ke liye dhanvad ......eske sath hi Shyam gupta ji ki tippani bahut achhi lagi .
बेहद उपयोगी जानकारी...
Thanks
Jaankari ke liye
Thanks..
उपयोगी एवं महत्वपूर्ण जानकारी, धन्यवाद.
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