Tuesday, August 28, 2012

कब्ज को जड़ से खत्म करने के लिए.... ये है एक मीठा नुस्खा


पेट की यह समस्या बेहद आम होती है, लेकिन इसके दुष्परिणाम बहुत घातक हो सकते हैं। कहा तो यहां तक जाता है कि हर रोग की जड़ें किसी न किसी रूप में कब्ज सेही जुड़ी होती हैं। कब्ज इतनी आम बीमारी हो चुकी है कि अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं होता कि लगातार कब्ज के रहने से उनके स्वास्थ्य पर कितना बुरा प्रभाव पड़ता है।कब्ज व्यक्ति की कार्यक्षमता को तो घटाती ही है, इससे व्यक्ति का विकास भी रुक जाता है। सामान्य दिखने वाली लेकिन बेहद गंभीर इस समस्या का एक बेहद कारगर और सरल उपाय यह है-
-प्रतिदिन भोजन करने के बाद में तथा सोने से एक घंटा पहले दूध के साथ उबाली गईं बड़ी दाखें खूब चबा-चबाकर खाएं, तथा ऊपर से उस दूध को भी पी जाएं जिसमें इन दाखों को उबाला गया था। लगातार कुछही दिनों तक इस प्रयोग को करने से लाभ नजर आने लगता है।
-सुबह उठकर 1-2 गिलास गुनगुना पानी पीकर टहलने से कब्ज की समस्या में तत्काल फायदा होता है।

8 comments:

देवेन्द्र पाण्डेय said...

ये दाखें क्या हैं?

Virendra Kumar Sharma said...

देवेन्द्र भाई द्राक्षा संस्कृत में किशमिश को कहतें हैं उसी का अप -भ्रंश (अप -भाषिक रूप )दाखें हैं .कृपया -
मंगलवार, 28 अगस्त 2012
Hip ,Sacroiliac Leg Problems
http://veerubhai1947.blogspot.com/

Virendra Kumar Sharma said...

देवेन्द्र भाई द्राक्षा संस्कृत में किशमिश को कहतें हैं उसी का अप -भ्रंश (अप -भाषिक रूप )दाखें हैं .बहुत ही सटीक जानकारी मुहैया करवाई है आपने आजमाई हुई बात है किशमिश का दूध के साथ सेवन कब्जियत से राहत दिलवाता है यही काम अंजीर भी करती है सुखाई हुई अंजीर रात को पानी में भिगों दें सुबह उठके खाले ,पानी भी पी जाएं .इंडिया दर्पण ,हेल्थ एंड ब्यूटी का द्रुत टिपण्णी के लिए शुक्रिया अदा करतें हैं -वीरुभाई ,४३,३०९ ,सिल्वरवुड ड्राइव ,कैंटन ,मिशिगन ,यू एस ए ,४८ १८८ ,दूर -ध्वनी -००१ -७३४ -४४६ -५४५१ .कृपया -
मंगलवार, 28 अगस्त 2012
Hip ,Sacroiliac Leg Problems
http://veerubhai1947.blogspot.com/

Virendra Kumar Sharma said...

देवेन्द्र भाई द्राक्षा संस्कृत में किशमिश को कहतें हैं उसी का अप -भ्रंश (अप -भाषिक रूप )दाखें हैं .बहुत ही सटीक जानकारी मुहैया करवाई है आपने आजमाई हुई बात है किशमिश का दूध के साथ सेवन कब्जियत से राहत दिलवाता है यही काम अंजीर भी करती है सुखाई हुई अंजीर रात को पानी में भिगों दें सुबह उठके खाले ,पानी भी पी जाएं .इंडिया दर्पण ,हेल्थ एंड ब्यूटी का द्रुत टिपण्णी के लिए शुक्रिया अदा करतें हैं -वीरुभाई ,४३,३०९ ,सिल्वरवुड ड्राइव ,कैंटन ,मिशिगन ,यू एस ए ,४८ १८८ ,दूर -ध्वनी -००१ -७३४ -४४६ -५४५१ .कृपया -
मंगलवार, 28 अगस्त 2012
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http://veerubhai1947.blogspot.com/

Shanti Garg said...

very good thoughts.....
मेरे ब्लॉग

जीवन विचार
पर आपका हार्दिक स्वागत है।

देवेन्द्र पाण्डेय said...

ओह..आद आया। यह वाकई आजमाई हुई प्रचलित दवाई है। दाखें शब्द से धोखा खा गया।..धन्यवाद।

Sanju said...

Bahut jaruri aur upyogi jankari....

Sarika Mukesh said...

बडी़ उपयोगी जानकारी डे रहे है आप!
हार्दिक आभार!
मंगल कामनाओं सहित,
सादर/सप्रेम
सारिका मुकेश
http://sarikamukesh.blogspot.com/